शुक्रवार, 7 जुलाई 2023

शिव ध्यान मंत्र

 शिव ध्यान मंत्र


शङ्खेन्द्वाभमतीवसुन्दरतनुं 

शार्दूलचर्माम्बरं कालव्यालकराल

भूषणधरं गङ्गाशशाङ्कप्रियम्।

काशीशं कलिंकल्मषौघशमनं

कल्याणकल्पद्रुमं नौमीड्यं गिरिजापतिं

गुणनिधिं कन्दर्पहं शंकरम् ॥


शङ्ख और चन्द्रमा की कान्ति के अत्यन्त सुन्दर शरीर वाले, व्याघ्रचर्म के वस्त्र पहनने वाले, काल के समान (अथवा काले रंग के) भयानक सर्पों का भूषण धारण करने वाले, गङ्गा और चन्द्रमा को प्रेम करने वाले, काशीपति, कलियुग जनित पाप समूह का नाश करने वाले, कल्याण के कल्पवृक्ष, गुणों के निधान और कामदेव को भस्म करने वाले पार्वतीपति वन्दनीय श्री शंकरजी को मैं नमस्कार करता/करती हूँ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें