चतुर्थी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
चतुर्थी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 15 सितंबर 2023

श्री राधा कृत विघ्नाशक गणपति स्तोत्र

 ब्रह्मवैवर्तपुराण में सभी प्रकार के विघ्नों के निवारण के लिए श्री राधा जी कृत विघ्ननाशक गणपति स्तोत्र का वर्णन आता है।

श्री राधिका जी कहती हैं

जो परम धाम, परब्रह्म, परेश, परम ईश्वर, विघ्नोंके विनाशक, शान्त, पुष्ट, मनोहर और अनन्त हैं; प्रधान-प्रधान सुर, असुर और सिद्ध जिनका स्तवन करते हैं; जो देवरूपी कमलके लिये सूर्य और मंगलोंके आश्रय स्थान हैं, उन परात्पर गणेश की मैं स्तुति करती हूँ । यह उत्तम स्तोत्र महान् पुण्यमय तथा विघ्न और शोकको हरनेवाला है। जो प्रातः काल उठकर इस स्तोत्र का पाठ करता है, वह सम्पूर्ण विघ्नों से विमुक्त हो जाता है।


श्री राधिका उवाच 

परं धाम परं ब्रह्म परेशं परमीश्वरम् । 

विघ्ननिघ्नकरं शान्तं पुष्टं कान्तमनन्तकम् ॥

सुरासुरेन्द्रैः सिद्धेन्द्रैः स्तुतं स्तौमि परात्परम् । 

सुरपद्मदिनेशं च गणेशं मङ्गलायनम् ॥

इदं स्तोत्रं महापुण्यं विघ्नशोकहरं परम् । 

यः पठेत् प्रातरुत्थाय सर्वविघ्नात् प्रमुच्यते ॥