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मंगलवार, 18 जुलाई 2023

मंगल की महादशा में विभिन्न ग्रहों की अंतर दशाओं के दुष्प्रभावों का शिव पूजा/ अनुष्ठान से निवारण।

 

मंगल

मंगल की महादशा में विभिन्न ग्रहों की अंतर 

दशाओं के दुष्प्रभावों का शिव पूजा/ अनुष्ठान 

से निवारण।

◆मंगल की महादशा में, मंगल की अन्तर्दशा में 

रुद्र-जप तथा वृषभदान करना चाहिये।

◆राहु की अन्तर्दशा होने पर नाग का दान, ब्राह्मण 

भोजन तथा मृत्युंजय मन्त्र जप कराने से आयु एवं 

आरोग्य की प्राप्ति होती है।

नागदानं प्रकुर्वीत देवब्राह्मणभोजनम् ।
मृत्युंजयजपं कुर्यादायुरारोग्यमादिशेत् ॥


मंगल में बृहस्पति की खराब अन्तर्दशा होने पर
शिवसहस्रनामावली का जप करना चाहिये।

'तद्दोष-परिहारार्थं शिवसाहस्त्रकं जपेत् ।'

इसी प्रकार शनि की दोषयुक्त अन्तर्दशा में मृत्युंजय 

मन्त्र के जप का विधान है।

शनिवार, 15 जुलाई 2023

मंगल - सावन में करें ग्रहों के अनुसार ज्योतिष उपाय



    सावन में करें ग्रहों के अनुसार उपाय


                       ~मङ्गल~


वैदिक ज्योतिष में मंगल को सेनापति की संज्ञा दी गयी अर्थात आक्रामकता, वीरता, कर्म को वरीयता, ये जितना सृदृण रक्षक है उतना ही प्रबल मारक भी, शरीर मे रक्त का कारक विशेषकर लाल रक्त कणिकाओं की मात्रा का निर्धारण करने वाला। 


जल्दबाजी, बहुत ज्यादा भावनात्मक, मंगल को भुमि पुत्र अर्थात "भौम" भी कहा जाता है, अगर किसी भी स्थिति में कुंडली मे बली है तो माता से विशेष भावनात्मक लगाव होता ही है।


ज्योतिष में विशेषकर मेडिकल एस्ट्रोलॉजी में जातक को सर्जरी की आवश्यकता, माइनर या मेजर सर्जरी का होना, रक्तविकार, चोट लगना, कर्ज़/ऋण भी मंगल के प्रभाव से देखा जाता है, जमीन से संबंधित लाभ और विवाद आदि में मंगल का विशेष प्रभाव देखा जाता है।


मंगल भाई व मित्र व उनके साथ आपके संबंधों, उनसे होने वाले लाभ-हानि आदि को भी दिखता है।


सावन में कैसे करें मंगल के उपाय-


मंगलवार का व्रत करें, नारसिंह स्तोत्र, मङ्गल कवच, हनुमान चालीसा का अनुष्ठानात्मक प्रयोग करें।


अगर ऋण से पीड़ित हैं तो ऋणमोचक मंगल/ नारसिंह स्तोत्र का पाठ करें।


अगर बार बार चोट लग रही है, गाड़ी और शरीर में स्क्रेच लगते ही रहते हैं तो भी मंगल का उपाय करें, मंगल व्रत, हनुमान साधना करें।


ऐसे लोग विशेषकर यात्रा में निकलते समय हनुमानद्वादशनाम का पाठ करके ही निकलें।


जमीन संबंधित मामलों में लाभ और हानि का कारक भी मंगल ही है, ऐसे में अगर आपको नाकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है जमीनी विवाद, बार बार जमीन आदि से जुड़े कामों में अड़चन, भाइयों और मित्रों की तरफ से तनाव व भय आदि दे रहा है तो मंगल और तृतीय/चतुर्थ भाव से सम्बंधित उपाय करें।


अगर लाभकारी होकर आपको जमीन, कंस्ट्रक्शन, माइनिंग या किसी भी तरह से मिट्टी से जुड़े लाभ मिल रहे हैं तो इसे व्रत उपाय आदि से और बली करें।


इमोशन्स पर कंट्रोल बहुत जरूरी है ऐसे लोग प्रायः भावनात्मक रूप से या तो बहुत कठोर अथवा बहूत कमज़ोर होते हैं, कठोर नारियल के अंदर नरम गिरी की तरह, तो जो इन्हें समझ लेता है उन्हें पता होता है कि इनसे कैसे काम निकलना है, तो मेडिटेशन करें, स्वयं  खुद फोकस और स्वयं ही कंट्रोल करें।


इस श्रावण भर शिवालय में प्रतिदिन तांबे के बने दिए पर घी का दीपक लगाए।


रक्त चंदन को अपने हाथों से घिसकर महाद्रव का श्रृंगार करें।


तांबे के लोटे में गुड़, रक्तचंदन मिलाकर महादेव का अभिषेक करें।


रक्तचंदन से बेलपत्र पर लिख कर  "ॐ साम्बसदाशिवाय नमः"  मंत्र के साथ महादेव का 27/108/1008 यथासम्भव संख्या में अर्चन करें।


मसूर की दाल/ मलका से महादेब का अर्चन करें।


अगर मंगल नाकारात्मक है व हाई ब्लड प्रेशर आदि दे रहा है तो मसूर की दाल का खाने में बिल्कुल प्रयोग न करें।


अगर शुभ भावों का स्वामी नहीं है मंगल तो मंगल की दान समाग्री आदि का ब्राह्मण/ क्षत्रिय को दान करें,  शुभ भाव का स्वामी होने पर ये समाग्री किसी को दान न देकर केवल शिवलिंग पर अर्पित कर दें।


मंगलवार और मंगल के नक्षत्रों 


मृगशिरा

चित्रा

धनिष्ठा,  


में ये उपाय अवश्य करें।


कुंडली मे अच्छा मंगल पुलिस, आर्मी पैरा फोर्सेस में भी स्थिति अनुसार व्यक्ति को कार्यरत होने का अवसर देता है, इन संस्थानों में हायर पोस्ट पर अधिकतर मंगल से विशेष रूप से प्रभावित व्यक्ति कार्यरत देखे जाते हैं, तो अगर आप आर्मी, पैरा फोर्सेस, या IPS/ज्यूडिशियल सर्विस की तैयारी कर रहे हैं तो अपनी कुंडली को प्रबल करें। क्योंकि ग्रहों में सेनापति मंगल ही है।


वैसे तो हर कुंडली अलग है और हर कुंडली पर करने वाले उपाय भी अलग अलग ही होते हैं पर यहां मैने कुछ ऐसे उपाय दिए हैं जोकि लगभग सभी कर सकते हैं, तो इस सावन इन उपायों से लाभ उठायें।