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बुधवार, 7 फ़रवरी 2024

मंगलाचरण और जयघोष

 पूजा के बाद प्रतिदिन करें 


ये मंगलाचरण और जयघोष


अपने घर में सत्संग कीर्तन के लिए यह मंगलाचरण बहुत सुंदर भाव प्रकट करता है, साथ ही सरल भी है | हम सब को ये उद्घोष करना चाहिए और बच्चों को याद भी कराना हैं।


दुर्गति नाशिनी दुर्गा जय जय,

काल विनाशिनी काली जय जय,

उमा, रमा, ब्रह्माणी जय जय,

राधा, सीता रुक्मणी जय जय,

सांब सदाशिव, सांब सदाशिव,

सांब सदाशिव, सांब सदाशिव,

हर हर शंकर, दुखहर, सुखकर,

अघ-तमहर हर हर हर शंकर,

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे,

हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे,

जय जय दुर्गा, जय माँ तारा,

जय गणेश जय शुभ आगारा,

जयति सदाशिव जानकी राम,

गौरी शंकर सीता राम,

जय रघुनन्दन जय सिया राम,

व्रज गोपी प्रिय राधे श्याम,

रघुपति राघव राजा राम,

पतित-पावन सीता राम।।


धर्म की जय हो 

अधर्म का नाश हो 

प्राणियों में सद्भावना हो 

विश्व का कल्याण हो 

गौ माता की जय हो 

भारत अखंड हो 


हर हर हर महादेव 🚩

सोमवार, 28 अगस्त 2023

ज्योतिष उपायों में "अर्चन" का महत्व

 ज्योतिष उपायों में "अर्चन" का महत्व


मैं ज्योतिष उपायों में अक्सर पूजा और अर्चना के विषय मे लिखती हूँ। जिसको समझने में लोग कंफ्यूज हो जाते हैं, विशेषकर "अर्चन" को लेकर।

"पूजा" का अर्थ है जब आप किसी स्तोत्र, मंत्र और पाठ आदि से भगवान का ध्यान और आराधना करें।

"अर्चना" मतलब किसी भेंट या सामाग्री से देवता का क्रमबद्ध पूजन जो कि अधिकतर सकाम मतलब "कामना की पूर्ति" के लिए किया जाता है।

अर्चना में आवश्यकता और मनोकामना के अनुसार ही अर्चन सामग्री का चयन किया जाता है।