मंगल
◆मंगल की महादशा में विभिन्न ग्रहों की अंतर
दशाओं के दुष्प्रभावों का शिव पूजा/ अनुष्ठान
से निवारण।
◆मंगल की महादशा में, मंगल की अन्तर्दशा में
रुद्र-जप तथा वृषभदान करना चाहिये।
◆राहु की अन्तर्दशा होने पर नाग का दान, ब्राह्मण
भोजन तथा मृत्युंजय मन्त्र जप कराने से आयु एवं
आरोग्य की प्राप्ति होती है।
नागदानं प्रकुर्वीत देवब्राह्मणभोजनम् ।
मृत्युंजयजपं कुर्यादायुरारोग्यमादिशेत् ॥
मंगल में बृहस्पति की खराब अन्तर्दशा होने पर
शिवसहस्रनामावली का जप करना चाहिये।
'तद्दोष-परिहारार्थं शिवसाहस्त्रकं जपेत् ।'
इसी प्रकार शनि की दोषयुक्त अन्तर्दशा में मृत्युंजय
मन्त्र के जप का विधान है।
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