गुम हुई वस्तु, प्रतिष्ठा को पाने का अचूक उपाय
गुम हुई वस्तु, धन, प्रतिष्ठा को वापस पाने के लिए मंत्र।
रामचरितमानस के कुछ मंत्र स्वसिद्ध सौम्य शाबर मंत्र की श्रेणी में आते हैं जिनके प्रयोग में दो धारी तलवार के समान नुकसान देने वाली तीव्रता नही होती।
महादेव और अम्बिका के आशीर्वाद से ऐसे मंत्र/चौपाई/सोरठे, मैं आगे इस श्रृंखला में लिखती रहूँगी।
कलि बिलोकि जग हित हर गिरिजा।
साबर मंत्र जाल जिन्ह सिरिजा॥
अनमिल आखर अरथ न जापू।
प्रगट प्रभाउ महेस प्रतापू ।।
रामचरितमानस, बालकाण्ड
शिव-पार्वती ने कलियुग को देखकर, जगत् के हित के लिए, शाबर मन्त्र समूह की रचना की, जिन मंत्रों के अक्षर बेमेल हैं, जिनका न कोई ठीक अर्थ होता है और न जप ही होता है, तथापि श्री शिवजी के प्रताप से जिनका प्रभाव प्रत्यक्ष है।
अगर आपने मंत्र विज्ञान के बारे में जाना है तो आपको पता होगा कि शाबर मंत्रों को तुरंत फल देने वाला माना जाता है, पर इनकी शक्ति इतनी तीव्र होती है कि गलत प्रयोग से व्यक्ति स्वयम का भी नुकसान कर सकता है इसलिए इन्हें गुरु सानिध्य में ही करना चाहिए। मानस के ये मंत्र महादेव के आशीर्वाद से बिना गुरु से प्राप्त किये भी प्रयोग किये जा सकते हैं।
तो खोई हुई वस्तु पाने का छोटा और सरल दिखने वाला पर अचूक मंत्र/चौपाई लिखते हैं इसका प्रयोग विभिन्न विधियों से आवश्यकता अनुसार व समस्या की स्थिति देख कर किया जाता है।
आप सामान्यतः इसकी 11/21/27....... माला जप कर सकते हैं।
कुछ भी चोरी होने, गुम होने पर, कही पैसे फस जाने, किसी के घर छोड़कर जाने पर, प्रतिष्ठा हानि होने पर उन्हें वापस पाने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।
गई बहोर ग़रीब नेवाजू।
सरल सबल साहिब रघुराजू॥
प्रभु श्री रघुनाथजी गई हुई वस्तु को फिर प्राप्त कराने वाले, ग़रीब नवाज (दीनबन्धु), सरल स्वभाव, सर्वशक्तिमान और सबके स्वामी हैं।
जप नयुंतम कितने दिन करना चाहिए
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