कुछ पर महत्वपूर्ण सरल ज्योतिष उपाय
ऐसा नहीं है कि ज्योतिष उपायों में कठिन और गहन उपाय ही काम करते हैं छोटे छोटे पर लगातार करने पर ये उपाय भी बहुत प्रभावशाली बन जाते हैं।
मैंने पहले भी कहा है जो व्यक्ति परिवार और समाज के लिए अपने कर्तव्यों को सही से निभाता है अनायास ही उसे ग्रहों के शुभ परिणाम मिलने शुरू हो जाते हैं।
पहले घरों में सबके नाम की रोटी निकालने की रीत थी जो आस पास के पशु पक्षियों को दी जाती थी। ये जीव भी अलग अलग ग्रहों के कारक हैं।
अब न घर के आसपास इन पशुओं/पक्षियों की उपलब्धता है नहीं पहले जैसे नियमों को लोग निभा पाते हैं।
पर कभी कभी समय मिलने पर ये उपाय करने का प्रयास करें...... और इनके लाभ स्वयं महसूस करें।
1- गाय जो हरा चारा दें - मंदिरों गौशालाओं या सड़क पर घूमने वाले इन जीवों को हरा चारा, भीगी मूँग, घी रोटी और गुड़, अंकुरित जवारे(गेहूं) और चना खिलाएँ गाय सनातन धर्म मे पूज्यनीय है इन उपायों से आप अपने बुध, शुक्र, सूर्य और गुरु के अनुकूल परिणाम पा सकेंगे।
पक्षियों को दाना- पक्षियों को सात तरह के अनाज मिक्स (सतनाजा)करके खिलाएँ।
गेहूं
चावल
बाजरा
ज्वार
चने
मक्का
काली उड़द
ध्यान दें अनाज कभी भी छत के ऊपर न खिलाएँ बल्कि कच्ची मिट्टी वाली जगह पर खिलाएँ। सूर्य चंद्र मंगल बुध गुरु शुक्र शनि और राहु केतु लगभग सब की अनुकूलता के लिये है।
मछली को दाना-
मछली को आटे की गोलियां जब कभी मौका मिले खिलाइये मन मस्तिष्क का कारक चंद्र और राहु/केतु की अनुकूलता के लिए अचूक उपाय है।
कुत्ते को रोटी-
ये जीव जंतु हम पर आश्रित हैं अगर घर के बाहर दिखाईं दें तो रोटी में तेल लगाकर खिलाएँ कर्म कारक शनि और राहु/केतु की अनुकूलता पाएं।
चींटी को पंजीरी/शक़्कर-
चींटियों को घर से बाहर ही पंजीरी, शक़्कर, भुना बेसन डालें। अनायास ही मंगल राहु सूर्य शनि और शुक्र के लाभ मिलेंगे। सूखे नारियल में बूरा तिल और घी भरके बढ़/पीपल की जड़ पर दबाकर रखवाते हैं इसका कारण है कि इन पुराने वृक्षों की जड़ों में चीटियां रहती है। जैसे जैसे नारियल और अन्य सामग्रियों को वो खाती जाती वैसे वैसे आपको लाभ मिलता जाता है।
अगले थ्रेड पर कुछ आसानी से उपलब्ध पर ग्रहों के कारक होने से चमत्कारिक प्रभाव वाले पौधों पर लिखूँगी जिनके स्वास्थ्य लाभ किसी भी अंग्रेज़ी दवाई से पहले बल्कि तुरंत लाभ दिखने लगते हैं।
बहुत सरल उपाय... शीघ्र परिणाम देने वाले। आभार
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